तू मिट्टी, तू पानी है


22 July 2020

रेशमी साड़ी है नदिया तेरी
तू जंजीर रूहानी है
रेत की खाड़ी ढलानों भी
तो तेरी ही निशानी है

तू मिट्टी, तू पानी है

खेतों में खिलते फूल गुलाबी
लहराती तेरी नादानी है
वीराने की अनंत गर्मी
भी तेरी बेईमानी है

तू मिट्टी, तू पानी है

लंघन खेलती हर बच्ची
तेरी ही जवानी है
जंगल राति घूमती शेरनी
बड़ी ही डरावनी है

तू मिट्टी तू पानी है

दिन और रात में फिरती
तू भी एक दीवानी है
भूकंप की खामोश बर्बादी
तेरा इतिहास ख़्वानी है

तू मिट्टी तू पानी है

धरती है तू, अम्बर भी
वायु ही तेरी बयानी है
युगों युगों से चलती तेरी
अजब सी ये कहानी है

तू मिट्टी तू पानी है।

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